“स्टार्ट अप इंडिया” का एक्शन प्लान

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट स्टार्ट अप इंडिया एक्शन प्लान को अंततः लांच कर दिया। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने देश की युवा शक्ति  से आह्वान करते हुए कहा कि अब युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनें। स्टार्ट अप की खूबियां बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर हमारे यहां मिलियन समस्याएं हैं तो बिलियन माइंड भी हैं।

विज्ञान भवन में युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया को मैं स्टैंडअप इंडिया मानकर चलता हूं। उन्होंने स्टार्ट अप इंडिया के लिए हैंड होल्डिंग की व्यवस्था पर बल दिया। मोदी ने स्टार्ट अप के एक्शन प्लान के बारे में कहा कि स्टार्ट अप के लिए तीन साल तक कोई निरीक्षण नहीं होगा।

स्टार्ट अप की खूबियों पर उन्होंने कहा  कि पेटेंट के लिए निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, फीस 80 फीसदी कम होगी। स्टार्ट अप में जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट पर बल दिया जाएगा। सरकारी खरीद में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। स्टार्ट अप के लिए मोबाइल एप और पोर्टल उसी के जरिए आसान रजिस्ट्रेशन।

स्टार्ट अप के लिए बड़ी राहत देते हुए उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप को तीन साल तक इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी। इसके अलावा कैपिटल गेन टैक्स से भी स्टार्ट अप को मुक्ति दी जाएगी। क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना होगी। 90 दिन के भीतर विफल स्टार्ट अप से एक्जिट की सुविधा भी ली जा सकेगी। सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा, रजिस्ट्रेशन, फॉर्म आदि भी आसान बनाए जाएंगे।

स्टार्ट अप को लेकर मोदी का एक्शन प्लान

1-वर्ल्ड क्लास बनने की क्षमता रखने वाले 10 इन्क्यूबेटरों की प्रतिवर्ष पहचान कर उन्हें 10-10 करोड़ की आर्थिक मदद दी जाएगी।

2-छात्रों के लिए इनोवेशन के प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। 5 लाख स्कूलों के 10 लाख बच्चों पर फोकस किया जाएगा।

3-अटल इनोवेशन मिशन का आगाज होगा, जिसके तहत इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

4-स्टार्ट अप की संपत्ति बेचकर नए स्टार्ट अप में लगाने वालों को कैपिटल गेन टैक्स से मुक्ति दी जाएगी।

5-स्टार्ट अप को तीन साल तक इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी।

6-स्टार्ट अप के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना होगी।

7-90 दिन के भीतर विफल स्टार्ट अप से एक्जिट की सुविधा दिलाई जाएगी।

8-सरकारी खरीद में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

9-पेटेंट के लिए निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, फीस 80 फीसदी कम होगी।

10-स्टार्ट अप के लिए मोबाइल एप और पोर्टल जारी होगा और उसी के जरिए आसान रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी।

11-स्टार्ट अप के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा दी जाएगी, रजिस्ट्रेशन, फॉर्म आदि आसान बनाए जाएंगे।

12- स्टार्ट अप इंडिया हब बनाया जाएगा, हैंड होल्डिंग की व्यवस्था पर बल दिया जाएगा।

13-श्रम व पर्यावरण कानून को लेकर राहत दी जाएगी। तीन साल तक कोई निरीक्षण नहीं होगा।

14-बायो टेक सेक्टर की मदद के लिए 5 नए बायो क्लस्टर बनाए जाएंगे।

15-महिला उद्यमियों की मदद के लिए नई नीतियां बनाई जाएंगी।

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परमाणु बम से क्यों ज्यादा विनाशकारी होता है हाइड्रोजन बम ?

सूचना प्रौद्योगिक एवं सेवा के अलावा अन्य कारोबार में अपनी धाक रखने वाली कंपनी विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए 27514 करोड़ रुपए दान करके पिछले वर्ष देश के दानियों की सूची में अव्वल रहे। चीन की कारोबारी पत्रिका हुरुन की जारी ‘भारतीय दानी’ की सूची में अजीम प्रेमजी के बाद सार्वजनिक नीति, शिक्षा और शहरी गवर्नेंस पर 2404 करोड़ रुपए के साथ नंदन रोहिणी निलकेणी एवं परिवार दूसरे तथा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के साथ ही सामाजिक विकास एवं शिक्षा के लिए 1322 करोड़ रुपए दान देकर इंफोसिस के संस्थापक एन नारायण मूर्ति और परिवार तीसरे स्थान पर रहे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन देश में शिक्षा के विकास के उद्देश्य से आठ राज्यों के साढ़े तीन लाख से अधिक स्कूलों के लिए काम कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम सहित विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी देश के सर्वाधिक अमीर है और वर्ष 2015 में उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में 345 करोड़ रुपए दान किया और दानियों की सूची में छठे स्थान पर रहे। हुरुन की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष 10 भारतीय दानवीरों में 1238 करोड़ रुपए का दान करके सूचना प्रौद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र की देश की दूसरी बड़ी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक के दिनेश चौथे और 535 करोड़ रुपए के साथ एचसीएल के संस्थापक एवं अध्यक्ष शिव नादर पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा 326 करोड़ रुपए का दान देकर सलाह सेवा एवं शैक्षणिक प्रबंधन क्षेत्र की कंपनी जीईएमएस एजुकेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सनी वैरकी एवं परिवार सातवें, 158 करोड़ रुपए के साथ यूटीवी समूह के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉनी स्क्रीववाला आठवें, 139 करोड़ रुपए के साथ बजाज समूह के अध्यक्ष राहुल बजाज नौवें और 96 करोड़ रुपए दान करके निर्माण क्षेत्र की कंपनी शपूरजी पलोनजी समूह के अध्यक्ष पलोनजी मिस्त्री 10वें स्थान पर रहे। इस सूची में 12 नयी हस्तियां शामिल हुईं जबकि 26 सूची से बाहर हो गए। 35 करोड़ रुपए दान देकर इंफोसिस के 32 वर्षीय रोहन मूर्ति देश के युवा दानकर्ता हो गए हैं। वहीं, सबसे उम्रदराज दानी 86 वर्षीय पलोनजी मिस्त्री को बताया गया है।

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राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति 2015-2020

राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विकास रणनीति -2015-2020 का आज नई दिल्ली में केन्द्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री, डॉ हर्षवर्धन द्वारा शुभारंभ किया गया। इस रणनीति का उद्देश्य भारत को एक विश्व स्तरीय जैव-विनिर्माण केन्द्र के रूप में स्थापित करना है। इसका उद्देश्य नए जैव प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्माण, अनुसंधान एवं विकास और व्यावसायीकरण के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना तथा भारत के मानव संसाधनों को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निवेश के साथ प्रमुख मिशन की शुरूआत करना है।

इस मिशन में निम्नलिखित बातें शामिल हैः

·         मानवता की भलाई के लिए ज्ञान और साधनों का उपयोग करने को बढ़ावा देना।

·         नए जैव-प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण निवेश के साथ एक प्रमुख और सुव्यवस्थित मिशन की शुरूआत करना।

·         भारत के बेमिसाल मानव संसाधनों को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना।

·         अनुसंधान एवं विकास और व्यवसायीकरण के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना।

·         भारत को एक विश्व स्तर के जैव विनिर्माण केन्द्र के रूप में स्थापित करना।

 

रणनीति के महत्वपूर्ण तत्व इस प्रकार हैं:

·         एक कुशल कार्यबल और नेतृत्व की स्थापना करना।

·         बढ़ती हुई जैव अर्थव्यवस्था के अनुरूप ज्ञान के वातावरण को सशक्त बनाना।

·         बुनियादी, विषयी, अंतर-विषयी विज्ञानों में अनुसंधान के अवसरों को बढ़ावा देना।

·         उपयोग से प्रोत्साहित खोज अनुसंधान को प्रोत्साहन देना।

·         सग्रग विकास के लिए जैव प्रौद्योगिकी उपकरणों पर ध्यान केंद्रित करना।

·         नवाचार, ट्रांसनेशनल क्षमता और उद्यमशीलता को पोषित करना।

·         एक पारदर्शी, कुशल और विश्व स्तरीय रूप से सर्वश्रेष्ठ नियामक प्रणाली और संचारण रणनीति को सुनिश्चित करना।

·         जैव-प्रौद्योगिकी सहयोग- वैश्विक और राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना।

·         पुनः तैयार किए गए प्रारूपों से युक्त संस्थागत क्षमता को मजबूत करना।

·         प्रक्रियाओं के साथ-साथ परिणामों के मापन के ढांचे का सृजन करना।

 

निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अन्य मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग और भागीदारी करके प्रमुख तत्वों को लागू किया जाएगा:

·         वर्ष 2025 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर अर्जित करने की चुनौतियों को पूरा करने के लिए भारत को तैयार करना।

·         हेल्थकेयर, खाद्य एवं पोषण, स्वच्छ ऊर्जा और शिक्षा नामक चार प्रमुख मिशनों का शुभारंभ करना।

·         वैश्विक भागीदारी से पूरे देश में प्रौद्योगिकी विकास और ट्रांसनेशन नेटवर्क की स्थापना करना –  5 नए समूहों, 40 जैव-प्रौद्योगिकी इन्क्यूबेटरों, 150 टीटीओ, 20 बायो-कनेक्ट केन्द्रों की स्थापना करना।

·         जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी शिक्षा परिषद की स्थापना करके मानवीय पूंजी का निर्माण करने में रणनीतिक और केंद्रित निवेश को बढ़ावा देना।

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जाने वर्ष 2015 में ,खेलों में भारत की उपलब्धियां !

जाने वर्ष 2015 में ,खेलों में भारत की उपलब्धियां !
2015 का साल भारतीय खेल जगत के लिहाज से काफ़ी उपलब्धियों भरा रहा. इस साल अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर एक नज़र- – 15 एथलीटों ने 2016 के रियो ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफ़ाई किया. इसके अलावा महिला स्प्रिंटर दूती चंद ने लिंग विवाद (पुरुष हार्मोन की मात्रा ज़्यादा होने) पर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ के ख़िलाफ़ मुक़दमा जीता. – साइना नेहवाल ने विश्व चैम्पियन कैरोलीना मरीन को इंडियन ग्राँ प्री में हराया. साइना दुनिया के तीन बड़े मुक़ाबलों में (ऑल इंग्लैंड, वर्ल्ड चैम्पियनशिप और चाइना ओपन) के फ़ाइनल में पहुंचीं.
 
साइना वर्ल्ड नंबर वन बनने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाडी बनीं.साइना के ट्विटर फ़ॉलोअर्स की संख्या 11 लाख से भी ज़्यादा हो गई. यह संख्या उनके बाक़ी 23 प्रतिद्वंद्वियों के फॉलोअर्स की कुल संख्या से भी ज़्यादा है.
 
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर ने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में शानदार शुरुआत की और इस साल के अपनी तीनों मुक़ाबलों में प्रतिद्वंद्वी को नॉकआउट किया. शिवा थापा ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता. महिला बॉक्सिंग में एक साल के बैन के बाद सरिता देवी की खेल जगत में वापसी हुई.
 
इंडियन सुपर लीग का दूसरा सीज़न कामयाब रहा. इसके अलावा भारतीय कप्तान सुनील छेत्री अंतरराष्ट्रीय मैचों में 50 गोल करने वाले पहले भारतीय बने. वहीं महिला फ़ुटबॉलर अदिति चौहान इंग्लैंड के एक टॉप के क्लब में खेलने वाली पहली भारतीय महिला खिलाडी बनीं.
 
विराट कोहली को भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया. शशांक मनोहर बीसीसीआई के दूसरी बार अध्यक्ष बने. वहीं खेल के मैदान पर भारत 22 साल के बाद श्रीलंकाई जमीं पर टेस्ट सिरीज़ जीतने में कामयाब रहा. भारतीय खिलाडियों ने 2015 में 5 ग्रैंड स्लैम के साथ 18 ख़िताब जीते. मार्टिना हिंगिस के साथ सानिया मिर्ज़ा ने एक साल में विम्बलडन और यूएस ओपन समेत 10 ख़िताब जीते.
 
महिला डबल्स में सानिया मिर्ज़ा विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं. लिएंडर पेस और मार्टिना हिंगिस ने यूएस ओपन में मिश्रित डबल्स का खिताब जीता. युकी भांबरी सिंगल्स में शीर्ष 100 खिलाड़ियों में पहली बार पहुंचने में कामयाब रहे.
 
रजत चौहान ने डेनमार्क विश्व प्रतियोगिता में रजत पदक जीत कर इतिहास रचा. दीपिका कुमारी ने वर्ल्ड कप में चौथी बार रजत पदक जीता. मिराज खान स्कीट प्रतियोगिता में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले पहले भारतीय निशानेबाज़ बने. 11 वर्ष के शुभम जगलान ने दूसरी बार लास वेगास में वर्ल्ड स्टार्स का खिताब जीता. अनिर्बाण लहरी ने इंडियन ओपन और मलेशिया ओपन ख़िताब जीता.
 
विश्वनाथन आनंद ने नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता में वर्ल्ड चैम्पियन मैगनस लार्सन को शिकस्त दी. ग्रीस में वर्ल्ड यूथ प्रतियोगिता में भारतीय खिलाडियों ने पांच गोल्ड, तीन सिल्वर और तीन ब्रोन्ज़ मेडल जीते. पुरुष टीम ने वर्ल्ड लीग में पदक जीत कर 33 साल का रिकॉर्ड तोडा. दस साल बाद दुनिया की पहली दस टीमों में शामिल. हॉलैंड के रोएलान्त ऑल्टमंस की कोच के रूप में वापस. महिला टीम ने 36 साल के बाद ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई किया. वर्ल्ड लीग के दौरान सरदार सिंह पर एक ख़ास डाक टिकट जारी.
पुणे कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में भारतीय लिफ़्टरों का शानदार प्रदर्शन. भारतीय दल सीनियर पुरुष, सीनियर वीमेन, जूनियर मेन, जूनियर वीमेन और यूथ गर्ल्स की कैटेगरी में पहले पायदान पर रहा, जबकि यूथ ब्वॉयज़ की टीम दूसरे स्थान पर रही.
 
दीपा कर्माकर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली जिमनास्ट बनीं. लास वेगास वर्ल्ड चैम्पियनशिप में नरसिंह यादव को कांस्य पदक मिला और वो भारत के लिए रियो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने में कामयाब रहे. भारत में पहली बार प्रो रेसलिंग लीग का कामयाब आयोज किया गया, हालांकि सुशील कुमार ने आख़िरी पलों में हिस्सा नहीं लिया. उन्होंने हिस्सा नहीं लेने की वजह तो नहीं बताई है लेकिन माना जा रहा है कि वे आयोजकों और टीम प्रमोटरों के रवैए से ख़ुश नहीं थे.
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शांति परियोजना की राह में खतरे भी कम नहीं

तुर्कमेनिस्तान ने भले ही तापी गैस पाइपलाइन को शांति और स्थिरता परियोजना (पीस एंड स्टेबिलिटी प्रोजेक्ट) का नाम दिया हो, लेकिन 1814 किमी लम्बी इस पाइपलाइन के भारत के फाजिल्का तक पहुंचने में खतरे भी हैं। यह गैस पाइपलाइन तालिबान के गढ़ अफगानिस्तान के कंधार और पाक के क्वेटा के पास से गुजरेगी। इसके अलावा दिसम्बर 2019 तक पूरी होने वाली इस परियोजना पर सरहदी मुल्क भारत-पाक के बनते-बिगड़ते रिश्तों का असर भी आ सकता है।
भारत ने पिछले दो दशक से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की कोशिशों को तेज किया है। पहले इरान से पाक के रास्ते भारत में गैस लाने के लिए आईपीआई गैस पाइपलाइन परियोजना बनी, जो सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद ओमान और भारत के बीच इरान के समुद्री रास्ते गैस लाने की परिेयोजना बनी। पाकिस्तान से खट्टे-मीठे अनुभव और रिश्तों के चलते भारत खुद पाक की सरजमीं के बजाए इरानी समुद्री रास्ते से गैस लाने का पक्षधर है।
पहले समुद्री रास्ता बेहद खर्चीला था, लेकिन बदलती तकनीक के इस दौर में समुद्री रास्ते से पाइपलाइन बहुत मुश्किल नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसकी संभावनाएं तलाशने के लिए कह चुके हैं। इसकी वजह भी हैं। अफगानिस्तान और पाक के रास्ते पाइपलाइन लाना खतरों से भरा है। यह इससे भी साबित होता है कि 46 बिलियन डॉलर की चाइना पाकिस्तान इकोनामिक कॉरिडोर में तालिबान विद्रोहियों ने पाक में चीन के कर्मचारियों पर प्राणघातक हमले किए और फिरौती के लिए इनका अपहरण भी किया।
हालात यह हैं कि पाकिस्तान को करीब आठ हजार चाइनीज कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए दस हजार से Óयादा की स्पेशल फोर्स बनानी पड़ी है। ऐसे में तापी गैस पाइपलाइन में काम करने वाले कर्मचारियों को विद्रोही तालिबानियों से सुरक्षा देना इन देशों की पहली जिम्मेदारी होगी। काबिलेगौर है कि एक अमेरिकन कंपनी ने तापी परियोजना में काम करने में दिलचस्पी दिखाई तो तालिबान ने संकेत दिए कि उन्हें डॉलर देने पर ही कर्मचारी सुरक्षित रह पाएंगे।
ऐसा भी नहीं है कि संभावित खतरों से देश अंजान हैं। तभी तो तापी गैस परियोजना की आधारशिला रखते हुए उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने चेताया कि परियोजना में शामिल सभी देशों को प्रोजेक्ट की सफलता का विरोध करने वाली विद्रोही ताकतों का मिलकर सामना करना होगा।
परियोजना का उजला पक्ष यह भी है कि चार साल में इसके पूरा होने के बाद चारों देश तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के करीब डेढ़ अरब लोगों की तीस साल तक ऊर्जा जरूरतें इससे पूरी हो सकेंगी। आधारशिला स्थल मरी में ऑयल एंड गैस फील्ड से जुड़े विशेषज्ञ कहते हैं तापी इज ए हिस्टोरिक प्रोजेक्ट…बट बिग इश्यु इज सिक्योरिटी।
तापी पाइपलाइन एक नजर 2002 : इस्लामाबाद में तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने किए हस्ताक्षर एशियाई विकास बैंक की टीम ने पहली बार किया परियोजना का अध्ययन 2006 : भारत ने तापी गैस परियोजना से जुडऩे की मंशा जताई 2008 : तापी गैस पाइपलाइन परियोजना से भारत स्थायी तौर पर जुड़ा तुर्कमेनिस्तान – 214 किमी अफगानिस्तान – 774 किमी पाकिस्तान – 826 किमी 1814 किमी कुल लंबाईtapi

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नेपाल की पहली महिला राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी का सियासी सफरनामा

सत्तारूढ़ CPN-UML की विद्या देवी भंडारी को नेपाल की पहली महिला राष्ट्रपति निर्वाचित किया गया. उन्होंने नेपाली कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी को 100 से ज्यादा वोटों से हराया. पेश है विद्या भंडारी का राजनीतिक सफरनामा… विद्या ने हासिल किए 327 वोट 54 साल की विद्या देवी भंडारी सीपीएन-यूएमएल की उपाध्यक्ष व पार्टी के दिवंगत महासचिव मदन भंडारी की पत्नी हैं. उन्होंने चुनाव में 327 वोट हासिल किए, जबकि उनके विरोधी नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुल बहादुर गुरूंग को 214 वोट मिले. विद्या निवर्तमान राष्ट्रपति रामबरन यादव की जगह लेंगी, जिन्हें नेपाल को एक गणराज्य घोषित किए जाने के बाद 2008 में देश का पहला राष्ट्रपति निर्वाचित किया गया था. गत 20 सितंबर को संविधान के लागू होने के साथ ही संसद सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर नए राष्ट्रपति का निर्वाचन जरूरी था. छात्र आंदोलन से करियर की शुरुआत विद्या ने 1979 में एक वामपंथी छात्र आंदोलन से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह CPN-ML की सदस्य बनीं. इस दौरान वे अंडरग्राउंड हो गईं और उन्होंने मोरंग जिले से पार्टी विहीन पंचायत तंत्र के खिलाफ संघर्ष किया. कम्युनिस्ट नेता मदन भंडारी से रचाई शादी विद्या भंडारी ने प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता मदन कुमार भंडारी से शादी की. 1990 में पंचायती व्यवस्था के खत्म होने और बहुदलीय लोकतंत्र बहाल होने के बाद CPN-ML, CPN (मार्क्सवादी) के साथ एकीकरण के बाद CPN (UML) बन गया और मदन एकीकृत दल के महासचिव बन गए. पति की मौत के बाद दूसरी पारी 1993 में एक सड़क हादसे में मदन की संदिग्ध मौत के बाद राजनीति में विद्या की दूसरी पारी शुरू हुई. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री कृष्णप्रसाद भट्टाराई के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वह एक साल तक सांसद रहीं. उन्होंने 1994 और 1999 में लगातार दो संसदीय चुनाव जीते. कई अहम पदों पर काम करने का अनुभव विद्या 2006 के जनांदोलन के बाद गठित अंतरिम संसद की भी सदस्य रहीं. वह 25 मई, 2009 से छह फरवरी, 2011 के बीच माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व वाली सरकार में रक्षा मंत्री थीं. इससे पहले 1990 के दशक में उन्हें पयार्वरण एवं जनसंख्या मंत्री नियुक्त किया गया था. वह करीब दो दशकों से पार्टी के सहयोगी संगठन ऑल नेपाल वीमेन एसोसिएशन का नेतृत्व कर रही थीं. विद्या को फरवरी 2009 और जुलाई 2014 में क्रमश: सीपीएन-यूएमएल के आठवें एवं नौवें सम्मेलन में पार्टी का उपाध्यक्ष चुना गया. वह जनवरी, 1998 में हुए पार्टी के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद से उसकी केंद्रीय समिति की सदस्य थीं.

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